संक्षेप

शॉर्ट्स

संस्कृति01 / 04
भोपाल रवींद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव का विज्ञप्ति चित्र

परेड छह; मारू रंग घूमर-चरी

6 अगस्त 2026, 20:52। रवींद्र भवन, भोपाल। संस्कृति मंत्रालय, केंद्र। ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव-2026। कार्य समूह की तीसरी बैठक का दूसरा दिन। परेड: बेलारूस, ब्राजील, इंडोनेशिया, रूसी संघ, यूएई, मेजबान भारत। भारत की प्रस्तुति «मारू रंग — राजस्थान की विरासत»: घूमर, चरी, कालबेलिया, भवाई। चित्र महोत्सव का फ्रेम है, छह मंच एक साथ नहीं।

  • परेड छह देशों की है; भारत की पंक्ति राजस्थान की है, मालवा की नहीं।
  • कैपोएरा ब्राजील की प्रस्तुति है, मध्यप्रदेश की नहीं।
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प्रदेश02 / 04
भोपाल मंत्रालय में ब्रेल आपदा-बचाव पुस्तक लोकार्पण का विज्ञप्ति चित्र

ब्रेल आपदा पुस्तक: आग, लू, बिजली

25 जून 2026, 14:07। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव। मंत्रालय। नि:शक्तजन के लिए ब्रेललिपि पुस्तक: आग, हीटवेब (लू) और आकाशीय बिजली से बचाव। मुद्रण: आपदा प्रबंध संस्थान भोपाल; सहयोग सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग। शीट: केरल और असम के बाद इस तरह की पहल मध्यप्रदेश। राशि, प्रति संख्या, पृष्ठ नहीं। उपस्थित: मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर। चित्र लोकार्पण का फ्रेम है, ब्रेल पन्ने की पूरी किताब नहीं।

  • लोकार्पण मंत्रालय की पंक्ति है; वितरण तालिका शीट नहीं देती।
  • विषय तीन हैं: आग, लू, आकाशीय बिजली।
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प्रदेश03 / 04
हरे पत्तों के बीच टहनी पर पीले-नारंगी आमों का गुच्छा।

रीवा से भदोही, फिर UAE: सुंदरजा की पहली कमर्शियल खेप

रीवा से चुने गए फल भदोही में छांटे और पैक किए गए, फिर वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। जून 2026 की पहली कमर्शियल खेप के पीछे किसान, FPO और पैकहाउस का साझा काम था।

  • सुंदरजा की पहचान रीवा के गोविंदगढ़ से जुड़ी है।
  • GI रजिस्ट्री में प्रमाणपत्र की तारीख 31 जनवरी 2023 दर्ज है।
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प्रदेश04 / 04
एनआईएमएचआर सभागार में स्क्रीन और पोडियम के पास बोलता वक्ता; तारीख का overlay नीचे

तकनीक वाले दिन का पहला सत्र

12 मई 2026 को एनआईएमएचआर सीहोर में पुनर्वास पेशेवरों के सीआरई का पहला दिन तकनीक पर रहा। डिजिटल आकलन, परिवारों के संसाधन, साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन समूह, सहायक तकनीक और टेली-काउंसलिंग—विषय सत्रों के हैं, इलाज के दावे नहीं।

  • निदेशक डॉ. अखिलेश कुमार शुक्ला ने स्वागत किया।
  • ग्वालियर, भोपाल और उज्जैन के वक्ताओं के साथ संस्थान के सत्र भी हुए।
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