सीहोर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान में 12 मई 2026 को सीआरई कार्यक्रम का पहला दिन तकनीक पर केंद्रित रहा। पंजीकरण और उद्घाटन के बाद निदेशक डॉ. अखिलेश कुमार शुक्ला ने स्वागत भाषण दिया। संस्थान की पोस्ट इसे पुनर्वास पेशेवरों के लिए आयोजन बताती है।

ग्वालियर के एमएलबी कला एवं वाणिज्य शासकीय महाविद्यालय के आशीष कुमार यादव ने मनोवैज्ञानिक आकलन में तकनीक और ई-आकलन की नैतिक जिम्मेदारियाँ रखीं। भोपाल के शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय की डॉ. शाहीन गनी का सत्र दिव्यांग बच्चों के परिवारों के लिए डिजिटल संसाधनों पर था।

स्क्रीन के बाद सहारा

उज्जैन की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सैमित्रा चौहान ने साइबर बुलिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न से सुरक्षा की बात की। संस्थान के प्रकाश गजभिये का सत्र वर्चुअल सहयोग समूहों और डिजिटल पीयर सपोर्ट पर था।

भोपाल के एसएस कॉलेज की डॉ. ऋचा प्रियमवादा ने दिव्यांगता पुनर्वास में तकनीक और अधिकार-आधारित सहायक उपकरण रखे। अंतिम सत्र भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के डॉ. रूपेश रंजन का टेली-काउंसलिंग पर था: ऑनलाइन थेरेपी के मॉडल और भारत में कानूनी-नैतिक दिशानिर्देश।

चित्र में पोडियम पर वक्ता हैं; स्क्रीन पर Informed Consent in Digital Environments लिखा है। Overlay शेरपुर, सीहोर बायपास, 12 मई 2026, 11:26 IST दिखाती है। यह सत्र का फ्रेम है, टेली-काउंसलिंग कक्ष का नहीं।

मुख्य बातें

  • निदेशक डॉ. अखिलेश कुमार शुक्ला ने स्वागत किया।
  • ग्वालियर, भोपाल और उज्जैन के वक्ताओं के साथ संस्थान के सत्र भी हुए।
  • सहायक तकनीक और टेली-काउंसलिंग के कानूनी-नैतिक पक्ष अलग सत्र थे।

स्रोत और संदर्भ

  1. एनआईएमएचआर, सीहोर · 12 मई: तकनीक और पुनर्वास कार्यक्रम का विवरण ↗12 मई 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।

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