पांडुलिपि की प्याली गिनती की है, अफवाह की नहीं। 6 जुलाई की शीट। ऐप: ज्ञान भारतम्। दावा: दुर्लभ पांडुलिपियों की सूचना और संरक्षण में मध्यप्रदेश देश में प्रथम। बोलने वाले: अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला।

3 जुलाई 2026 तक: 34,45,439 पन्नों का पंजीकरण। सत्यापन: 12,13,127; शेष चरणबद्ध। 1 जुलाई तक जिला सूची की चोटी: भोपाल 24,26,172; इंदौर 3,99,477; रीवा 2,68,763; बैतूल 1,00,593; छिंदवाड़ा 77,094। बतकही शेष जिलों को एक साँस में नहीं जोड़ती।

जो चार खोजों का पन्ना है

टीकमगढ़: 10 फुट लंबा जम्बूद्वीप नक्शा, वृत्ताकार संरचना और पर्वत-माला। पन्ना: श्री राम जानकी मंदिर, महाकवि केशव दास रसिक प्रिया, 1591 ई., रीतिकाल लक्षण-ग्रंथ। बुरहानपुर: 220 वर्ष पुराना, 20 फुट श्रीमद्भागवत महापुराण, पंजीयन। दतिया: राधा वल्लभ मिश्रा आवास से ताम्रपत्र, विक्रम संवत 1828, ओरछा नरेश राजा उद्दोत सिंह।

ऐप पर शीर्षक, लेखक, भाषा, विषय, संग्रह स्थल से खोज; संरक्षण या डिजिटलीकरण का अनुरोध दर्ज हो सकता है। चित्र विज्ञप्ति का फ्रेम है। बतकही 34 लाख पन्नों को एक तस्वीर में नहीं गिनती।

मुख्य बातें

  • 34,45,439 पन्ने 3 जुलाई तक पंजीकरण की पंक्ति हैं, सत्यापित 12,13,127।
  • भोपाल 24,26,172 सबसे बड़ा जिला आँकड़ा है, पूरे देश का नहीं।
  • 10 फुट नक्शा टीकमगढ़ की खोज है, ऐप की पूरी सूची नहीं।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्य प्रदेश जनसंपर्क · दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने और संरक्षित करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम ↗6 जुलाई 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।

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